नाम : रानी
अपना स्कूल, कानपुर
फूले के है सुनहरे रंग
तितलियों के है सुनहरे पंख
सुबह सबेरे बडा अंधेरा
फूलों की महक है आती
माली बागों मे जाता है
फूल तोड़कर लता है
मंदिर में छड़ते लोग
भगवान की गाथा गाते लोग
मंदिर में छड़ा कर फूल
लोग दर्द को जाते भूल
नाम : राहुल
कक्षा : 3
अपना स्कूल कालरा -3rd, कानपुर
हरे -भरे ये पेड़ खड़े
लंबे-चौड़े पेड़ खड़े
पेड़ो मे है पत्ती आती ।
पेड़ों मे है फूल रहते ।
फूलो से फल है आते ।
फल खाने मे मीठा लगता ।
मीठा रस से शरीर स्वस्थ बनाता ।
पेड़ हमारे जीवन साथी ।
हमको देते अच्छी छाया ।
पेड़ो से है हम दवा बनाते ।
छोटे- बड़े पौधे सब काम मे आते ।
हरे -भरे ये पेड़ खड़े ।
लंबे- चौड़े पेड़ खड़े ।
नाम : स्नेहा
कक्षा : 7th
अपना स्कूल , कानपुर
हरी डाल पर बैठी थी ।
नन्ही सुंदर एक परी
डाल -डाल पर घूमती फिरती है
जगहो -जगहो मे नाचती फिरती
पक्षी -जानवरो से खेल्स\अति मुसकाती
और सबको रखती खुश
मन ललचाता उसे देखे बिन
जब वह आती बागो में हो जाते सब खुश
बागो से तोड़- तोड़ कर लाती मीठे फल
खाती सबको खिलाती फल
हर डाल पर बैठी थी
नन्ही सुंदर एक परी
नाम : जूली
कक्षा: 7th
अपना स्कूल , कानपुर
मेरा तोता हरा- हरा।
हर दम होता भरा - भरा ।
खाता है मिर्च हरी - हरी ।
जीभ है उसकी कटी - कटी ।
नाम है उसका तोता राम ।
बस कहता है वह राम - राम ।
नाम: राकेश
कक्षा : 2nd
अपना स्कूल , सम्राट सेंटर
कहाँ गया वो बचपन ।
चोटी सी इस दुनियाँ में ।
हमारा बचपन एक ।
याद बनकर रह गया ।
सोचता हूँ काश फिर से बचपन लौट आए ।
मेरे वो प्यारा बचपन ।
बचपन एक ऐसा पल है ।
न होती इसकी कोई सुबह ।
और न आता है कल ।
याद आते अब वो पल ।
सोचता हू की काश ।
वहीं - कहीं ठहर जाता पल ।
वो बारिश का पानी वो सावन के झूले ।
वो पल भुलाएँ ना भूले ।
पीपल के वो छाँव ,
कागज की वो नांव ।
याद आता है वो अपना गाँव ।
पता नहीं कहाँ खो गया वो मेरा बचपन ।
अब बचपन एक याद बनकर रह जाएगा ।
मुकेश कुमार
अपना स्कूल, कानपुर
देखो लड़का कितना गंदा है ।
गले में डाले रुमाल का फंदा है ।
खाता वह मस्त चुकंदर है ।
रहता हरदम मस्त कलंदर है ।
बाल बड़े , दाँत है गंदे - गंदे ।
पास ना उसे कोई बुलाय।
जहां भी जाये वह डांट ही पाये ।
नाम: राजा
कक्षा: 1st
अपना स्कूल ,सम्राट सेंटर , कानपुर
तितली रानी तितली रानी ।
प्यारी - प्यारी जग न्यारी ।
आओ बैठो सुनाओ कहानी ।
तुम मेरे यहाँ चिड़िया बनकर आना ।
सखी सहेली तुम बन जाना ।
मुझको भी उड़ना सिखाना ।
पारियों के संग हमें है आना ।
नाम : तितली
कक्षा : 1
अपना स्कूल, सम्राट सेंटर , कानपुर