Showing posts with label sonam ke hathon ki bani balkavita .. Show all posts
Showing posts with label sonam ke hathon ki bani balkavita .. Show all posts
Wednesday, July 13, 2011
Monday, July 4, 2011
कविता : रोज सवेरे आता सूरज
सूरज और चंदा
रोज सवेरे है आता सूरज.......,
सारा जगत है चमकाता सूरज|
रोज सुबह जल्दी उठकर,
फूलों को महकाता सूरज |
रात को चंदा और सितारे,
चमकते हैं ये कितने सारे......|
चम चम कर ये चमक दिखाते,
अंधकार में ये सबको पथ दिखाते|
नाम: सोनम
कक्षा: १
सेंटर: अपना स्कूल, सरन भट्ठा
Thursday, June 30, 2011
कविता : हम हैं फूल
हम हैं फूल
हम हैं फूल निराले...,
लाल, पीले रंगों वाले |
फूलों के हैं रंग अनेक .....,
माला में सब दिखते एक |
फूल मंदिर में हैं चढ़ते .............,
फूलों को लोग पैरों तले कुचलते|
लोग फूलों का करते हैं अपमान ....,
लेकिन फूल करता सबका सम्मान |
नाम : सोनम
कक्षा : 4th
सेंटर : अपना स्कूल, सरन भट्ठा
Subscribe to:
Posts (Atom)