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Monday, July 4, 2011

कविता : रोज सवेरे आता सूरज

सूरज और चंदा
रोज सवेरे है आता सूरज.......,
सारा जगत है चमकाता सूरज|
रोज सुबह जल्दी उठकर,
फूलों को महकाता सूरज |


रात को चंदा और सितारे,
चमकते हैं ये कितने सारे......|
चम चम कर ये चमक दिखाते,
अंधकार में ये सबको पथ दिखाते|

नाम: सोनम 
कक्षा: १
सेंटर: अपना स्कूल, सरन भट्ठा

Thursday, June 30, 2011

कविता : हम हैं फूल

हम हैं फूल 
हम हैं फूल निराले...,
लाल, पीले रंगों वाले | 
फूलों के हैं रंग अनेक .....,
माला में सब  दिखते एक |
फूल मंदिर में हैं चढ़ते .............,
फूलों को लोग पैरों तले कुचलते|
लोग फूलों का करते हैं अपमान ....,
लेकिन फूल करता सबका सम्मान |
नाम : सोनम 
कक्षा : 4th 
सेंटर : अपना स्कूल, सरन भट्ठा