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Tuesday, July 12, 2011

कविता : ताजा खबर

ताजा खबर
बाबू जी जरा तुम सुनो इधर ,
है आज की यह ताजा खबर |
शहर में फट गया है बम ,
गिरे लोग धम धम धम ...|
इधर गिरा कोई गिरा उधर..,
यही है आज की ताजा खबर |
नाम : अंजलि
कक्षा : 2nd
सेंटर : अपना स्कूल , धामीखेडा

Sunday, June 26, 2011

कविता : बंदर मामा

बंदर मामा 
बंदर मामा चले विदेश.........,
पहन के अपने देश का वेश .|
तन पर कुरता पहन पजामा ...............,
इसी लिए कहते हम उनको बंदर मामा .|
चल रहे वो सीना तान ..,
यही उनके देश की शान .|



नाम : ज्योति 
कक्षा : 4th
सेंटर : अपना स्कूल , धामीखेड़ा

Friday, June 24, 2011

कहानी : पांच मित्र

पांच मित्र 
एक गाँव में पांच मित्र रहते थे | एक दिन एक मित्र बोला कि यार बहुत दिन हो गए हैं , कहीं पर घूमने  नहीं गए हैं , चलो कहीं पर चलते हैं | पांचो मित्र अपने - अपने घर से तैयार होकर आ गए और एक जंगल कि ओर निकल पड़े | वह जिस जंगल में गए वह बहुत घना जंगल था | उस जंगल में एक खतरनाक शेर रहता था | उसकी दहाड़ से सारा जंगल गूंज जाता था और सभी पशु - पक्षी जंगल से बाहर भाग जाते थे | थोड़ी देर बाद वह पांचो मित्र उसी जगह पहुँच गए जिस जगह पर शेर कि गुफा थी , उन्होंने शेर की आवाज सुनी बेचारे डर के मारे पांचो मित्र वहां से वापस  आ गए और तब से वह कहीं बाहर घूमने नहीं गए हैं | 


नाम : सूरज कुमार
कक्षा : 4th 
सेंटर : अपना स्कूल धामीखेड़ा

Wednesday, June 22, 2011

कहानी : मारवती

 मारवती 
एक बहुत पुराने गाँव के किनारे पर एक महल था , जिस महल में राजा और रानी ख़ुशी से अपना जीवन व्यतीत करते थे | लेकिन रानी साहिबा संतान न होने के कारण से चिंतित रहती थीं | कुछ दिनों के बाद राजा के पास खबर आयी कि रानी ने एक पुत्री को जन्म दिया है | राजा ऐसी खबर सुनते ही नाचने- कूदने लगा | थोड़ी देर बाद  राजा के पास रानी के मरने की खबर आयी | राजा खबर सुनकर भौचक्का रह गया | तब से रानी की पुत्री का नाम मारवती पड़ गया | रानी के मरने के बाद राजा चिंतित रहने लगे | प्रजा को अपने राजा की उदासी देखी नहीं जा रही थी , इस कारण प्रजा ने उनसे दूसरा विवाह कर लेने की सलाह दी  , राजा बहुत ही मुश्किल में तैयार हुए और शादी कर ली | नयी वाली रानी मारवती को हमेशा मारा करती थीं | राजा की  प्रजा ने देखा और राजा से बात की तो राजा ने उनसे कहा की अब तो भुगतना ही पड़ेगा | कई साल बीत गए और मारवती अब शादी के लायक हो गयी | राजा ने उसका विवाह एक राजा के साथ कर दिया | अब सौतेली माँ ने उसको मारना छोड़ दिया और उसको राजा के साथ विदा कर दिया | अब से वह उसे ही अपनी बेटी मानने लगी | 


नाम : ज्योति 
 कक्षा : 4th  
सेंटर : अपना स्कूल 
          धामीखेड़ा कानपुर