Friday, June 10, 2011

शीर्षक : तितली उडी

 तितली उडी
तितली उडी रंग - बिरंगी .....................,
ऊपर जब जाती तो लगती गोल फिरंगी |
नीचे पास में आती तो लगती प्यारी ..,
मन करता की कर लूँ इसकी सवारी   | 


नाम : लल्ले कुमार 
कक्षा : 1st 
अपना स्कूल दीप भट्ठा

Thursday, June 9, 2011

शीर्षक : लालची बिल्ली

 लालची बिल्ली 
एक बिल्ली बड़ी सयानी ,
रोज पिए चूहों के संग पानी | 
फिर भी पेट न भरता उसका ,
दिन भर करती वह अपनी मनमानी |
उछल कूद कर बिल्ली रोई ,
रोते- रोते ही वह सोई | 
सौ - सौ को उसने मारा  , 
बिल्ली अकेले भूंखी सोई 



नाम : सरिता देवी 
कक्षा : 8th  
अपना स्कूल , पनकी

शीर्षक : बिल्ली मौसी

 बिल्ली मौसी
बिल्ली मौसी बिल्ली मौसी ,
कहाँ गयी थी सुबह सुबह बाहर | 
बिल्ली ने मुंह में दबा के रखा था चूहा ,
मुंह खुलते ही वह निकला झट से बाहर | 




नाम : रानी देवी 
कक्षा : 2th  
अपना स्कूल , पनकी सेंटर 
कानपुर

Wednesday, June 8, 2011

शीर्षक : कौआ आया

 कौआ आया 
कांव - कांव  करता  कौआ आया ,
बड़े सवेरे कौआ आया | 
जल्दी उठो  हो गयी सुबह , 
देखो बाग में मच गयी पक्षियों की कलह |
चिड़ियाँ बोली चूँ-चूँ -चूँ  ,
कोयल बोली कूँ-कूँ-कूँ |
मैं भी बोली क्या है ? 
उठो-उठो भई शोर मचा है |
कांव - कांव  करता  कौआ आया ,
बड़े सवेरे कौआ आया | 



नाम : सरिता देवी 
कक्षा : 8th  
अपना स्कूल , पनकी पड़ाव ,
 कानपुर

शीर्षक : वीर जवान

 वीर जवान 
मत समझो हमको छोटा ,
हम हैं वीर जवान  |
हमको प्यारा देश हमारा ,
हमारा भारत देश महान | 



नाम : मैनुद्दीन 
कक्षा : 2th  
अपना स्कूल , पनकी पड़ाव 

Sunday, June 5, 2011

शीर्षक : पर्यावरण

पर्यावरण 
आज पर्यावरण दिवस है , और आप सभी लोग सोच रहे होंगे कि ग्लोबल वार्मिंग बढती जा रही है , इसे कम कैसे किया जा सकता है ? अब क्या कम होगा ? जो कम होना  था , वो वह हो चुका | यदि आज सभी धरती को बचाने के लिए इतने उत्सुक हैं तो यह बताएं आप लोगों कि उत्सुकता पहले  कहाँ चली गयी 
थी ? आप लोग 5 जून को ही क्यों मनाते हैं ? मैं तो चाहता हूँ कि प्रत्येक दिन ही हम सभी मिलकर पर्यावरण दिवस मनाएं , यदि ऐसा पहले से ही करते और हर एक परिवार के लोग मिलकर प्रत्येक परिवार कम से कम 5-5 पौधे लगाते रहते तो शायद आज यह नौबत नहीं आती |
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                               


 नाम : आशीष सिंह







 

शीषक : गोल - गोल

 गोल - गोल 
गोल गोल नारंगी होता गोल ,
खट्टा -मीठा नारंगी गोल |
पापा लेकर आना जी बाल, 
मैं भी खेलूँगा फुटबाल | |

नाम : संतोष कुमार 
कक्षा : १ 
मेरा ब्रिक फील्ड

शीर्षक : ''अपने घर में खायेंगे ''

 ''अपने घर में खायेंगे ''
मामा के घर में जायेंगे ,
हलुवा-पूड़ी खायेंगे |
मामा यदि डांटेंगे , 
हम घर वापस आएंगे |
हाथों से हम बनायेंगे , 
फिर अपने घर में खायेंगे |



      नाम : संजय कुमार 
      कक्षा : १ 
     सेन्टर : मेरा ब्रिक फिल्ड 

Friday, June 3, 2011

शीर्षक : झूला

 झूला 
झूला झूल रही है , 
डाली झूला झुला रही है |
इस झूले में बड़ी मजा है , 
यह हमको आज पता चला है | 
नाम : रजनी 
कक्षा : 1  
सेंटर : मेरा ब्रिक फील्ड 
          चौबेपुर कानपुर

शीर्षक : हाथी राजा

 हाथी राजा 
हाथी राजा भले-भले  , 
सूंड हिलाते कहाँ चले ?  
हाथी राजा आये हैं मेरे पास ,
क्योंकि दिन है आज खास  | 
हमने बोला आओ बैठो मेरी कुर्सी में ,
कुर्सी बोली चर चर उनके बैठन में  |


नाम : रागनी देवी 
कक्षा : 1  
सेंटर : मेरा ब्रिक फील्ड 
           चौबेपुर , कानपुर