Monday, April 11, 2011

शीर्षक : मेरी कला

मेरी कला 








चित्रांकन : अंजली और प्रदीप

शीर्षक : मैं सबका जीवन

 मैं सबका जीवन 
पेड़ हूँ मैं पेड़ हूँ .........., 
कितना सुन्दर पेड़ हूँ | 
सबको ऑक्सीजन देना मेरा काम ........,
कार्बनडाईऑक्साईड देना आपका काम |
फल-फूल देता मैं तुमको...........,
मेरी छाया भाती सबके मन को | 
कितना अच्छा पेड़ हूँ ,
पेड़ हूँ मैं पेड़ हूँ  ........| 
बस मेरा एक ही सन्देश ...... ,
शायद आ जाये आपको होश  | 
यदि ज्यादा दिन हो आपको जीना . ,
 तो बीड़ी , सिगरेट मत पीना ........| 
 पेड़ - पौधे और अधिक लगाओ ,
 अपना जीवन और बढ़ाओ  .....|

  

नाम : शंकर कुमार 
कक्षा : 7th  
सेंटर : अपना स्कूल 
         कालरा प्रथम



 

Sunday, April 10, 2011

शीर्षक : हमारी प्रतिभाएं

हमारी प्रतिभाएं 




नाम : सूरज कुमार 
कक्षा : 4th  
सेंटर : अपना स्कूल 
          धामीखेड़ा
 

शीर्षक : नेता जी हैं बड़े निकम्मे

 नेता जी हैं बड़े निकम्मे 
नेता जी हैं बड़े निकम्मे ,
गरीब को बहुत सताते हैं | 
नेता जी कुर्सी पाते ही , 
जनता को भूल जाते हैं |  

गरीब बैठते हैं जमीन पर ,
नेता जी सोते हैं बेड पर | 
गरीब के घर में पड़ा है सूखा ,
उनका बच्चा मरता भूखा | 

नेता जी हैं घूस के प्यासे ,
गाँव में बूढ़े रातों-दिन खांसे |
आओ प्यारे साथी आओ ,
हम सब मिल एक आवाज लगाओ | 

गरीबी को दूर भगाओ ,
नेता जी को मार लगाओ | 
भ्रष्टाचार से मुक्ति पाओ ,
जीवन को खुशहाल बनाओ | 


नाम :  रामसिंह 
कक्षा :  8th 
स्कूल : स्वामीविवेका नन्द विद्यालय 
           लोधर , मंधना , कानपुर
 

Saturday, April 9, 2011

शीर्षक : हमने बनाया

हमने बनाया 


 नाम : निकास और अंकित 
कक्षा : 4th 
सेंटर : अपना स्कूल , 
         धामीखेड़ा

Friday, April 8, 2011

शीर्षक : गोल-गोल भट्ठा कैसा ?

गोल-गोल भट्ठा कैसा  ?
गोल - गोल ये भट्ठा कैसा ? 
कमा रहे हैं बाबू  पैसा | 
काम करे है बच्चा - बच्चा , 
आलू खाना पड़ रहा हमको कच्चा | 
मुझको बता दो इसका हाल , 
आलू क्यों होता गोल मटोल ? 
क्योंकि सब बच्चे पढ़ते हैं भूगोल ,
बाबू नहीं रखते हैं मजदूरों का ख्याल | 
भट्ठा है यह एक धोखे जैसा , 
काम हम करें , बाबू कमाता पैसा |
अपने हाथों से ईंटें हमीं बनाते , 
फिर भट्ठे के अंदर हमीं पकाते |
मजदूर भाई काम करे हैं सारा ,
बाबू पैसा मारे सबका और हमारा | 
यह भट्ठा है कैसा ? 
जब चले तो लगता घड़ी के जैसा | 



नाम : अजय कुमार 
कक्षा : 5th  
सेंटर : अपना स्कूल 
         कालरा प्रथम

शीर्षक : मेरे चित्र



नाम : मानसी 
कक्षा : 2th 
नाम : लक्ष्मी 
कक्षा : 2th
सेंटर : अपना स्कूल 
         कानपुर

Wednesday, April 6, 2011

शीर्षक : बन्दर आया

कविता : बन्दर आया 
उछल कूदकर बन्दर आया ,
साथ में अपने तम्बू लाया | 
लम्बू ने भई टेंट लगाया , 
तब भालू ने टेंट में पेंट लगाया |
तभी दौड़कर आया बन्दर ,
सबको कर दिया जेल के अन्दर |
सबसे करवाया जेल में काम ,
तब से फैला उस जंगल में उसका नाम | 



नाम : अजय कुमार 
कक्षा : 5th  
सेंटर : अपना स्कूल 
         कालरा प्रथम 
 

Monday, April 4, 2011

शीर्षक : मेरे चित्र




नाम : बीरन 
कक्षा : 2th 
सेंटर : अपना स्कूल 
         लोधर , मंधना
नाम : प्रदीप कुमार 
कक्षा : 4th  
सेंटर : अपना  स्कूल 
         कानपुर 




शीर्षक : भ्रष्टाचार

 भ्रष्टाचार 
मरे को क्या मारते हो  ................ ,
वर्दी पहन लोगों पर रोब जमाते हो |
गरीबों पर करते हो अत्याचार  ...,
मर्द हो तो ख़त्म करो भ्रष्टाचार  | 



नाम : आशीष सिंह वर्मा 
कक्षा : 8th  
स्कूल : रामकृष्ण मिशन