Sunday, April 3, 2011

शीर्षक : सोच समझ कर कदम उठाना

 सोच समझ कर कदम उठाना  
एक बहुत समय पहले की बात है कि किसी एक गाँव के पास एक बहुत बड़ा पहाड़ था | उस पहाड़ के ऊपर चीटियों का एक बिल था | उन्होंने गर्मी में अपने साथियों से कहा कि चलो धान लेने चलते हैं फिर सभी चीटियों ने मिलकर बहुत धान इकठ्ठा किया | पूरी गर्मी भर खाया , बरसात में भी और आने वाले सर्दी के मौसम में भी खाया | फिर सबका बंटवारा हुआ | सबको अपनी - अपनी मेहनत के बराबर हिस्सा मिला और उन्होंने आगे आने वाले समय में खाया और आगे के लिए बीन कर रखा | 










नाम : अमित कुमार 
कक्षा : 4th  
सेंटर : अपना स्कूल 
          कालरा प्रथम 


Saturday, April 2, 2011

शीर्षक : मेरी कलाएं

 मेरी कलाएं 

नाम -  रानी
कक्षा : 2 
नाम - सोनू  
कक्षा : ४
सेंटर : अपना स्कूल 
          कानपुर
 

Friday, April 1, 2011

शीर्षक : अप्रैल फूल

अप्रैल फूल 
सुनो - सुनो - सुनो ,
अरे हमरी बात तौ  सुनो |
पता है आज फूल डे है ,
अरे हमका पता है कि आज हाफ डे है |
हाफ डे है , वो कैसे ? 
जैसे कि तुमका पता है कि आज फूल डे है |




[ तो क्या आप लोगों को पता है कि आज फूल डे है कि हाफ डे है ,जरा सोचिये और बताइए  ]



शीर्षक : हमारे चित्र

 हमारे चित्र 



नाम : क्रातिका 
कक्षा : 2th
नाम : सरिता  
कक्षा : 7th   
सेंटर : अपना स्कूल ,
          कानपुर

Tuesday, March 29, 2011

शीर्षक : पानी

पानी
पानी हूँ मैं पानी हूँ ,
मैं सबकी प्यास बुझाता हूँ | 
मुझसे ही सबका जीवन है , 
मैं न होऊं तो सबका जीना मुश्किल है | 
जिसने मुझको व्यर्थ किया ,
समझो उसने अपना आधा जीवन खोया |
जिसने मुझे व्यर्थ होने से बचाया ,
समझो उसने अपना पूरा जीवन पाया | 
पानी हूँ मैं पानी हूँ ,
इस धरती पर सबका जीवन हूँ | 



नाम : अंकित कुमार 
कक्षा : 4th  
सेंटर : अपना स्कूल ,
         धामीखेड़ा

शीर्षक : गर्मी आई

 गर्मी आई 
गर्मी आई गर्मी आई ,
साथ में अपने रंगरलियाँ लाई | 
गर्मी ने गरम-गरम हवा बहाई ,
गर्मी के दिन आम भी लाई  | 
बच्चे आम को खाते तोड़कर ,
बगिया वाला खदेड़े दौड़कर |
इस गर्मी में इधर-उधर जो घूमोगे ,
तो इस गर्मी में लू से बच नहीं पाओगे | 
गर्मी आई गर्मी आई ,
साथ में अपने रंगरलियाँ लाई | 


नाम : शंकर  कुमार 
कक्षा : 7th  
सेंटर : अपना स्कूल ,
          कालरा प्रथम

 

Monday, March 28, 2011

शीर्षक : होली आई

होली आई 
होली आई होली आई ,
फाल्गुन माह में होली आई |
होली में सब रंग खेलते ,
एक दूजे के गले लगते |
होली है एक अच्छा त्योहार ,
आओ सब मिलकर रंग खेलें यार | 
होली में सब मस्ती करते हैं ,
रात को बैठकर फाग गाते हैं | 
जो भी आता उसे रंग लगते ,
गुझिया , पापड़ सब हैं खाते | 
होली आई होली आई, 
सबके मन में खुशियाँ लाई | 



नाम : नाहिद 
कक्षा : 5th  
सेंटर : अपना स्कूल , 
          धामीखेड़ा

Friday, March 25, 2011

शीर्षक : फूल

 फूल 
फूल हैं ये फूल हैं , 
कितने सुंदर फूल हैं | 
रंग-रंगीले फूल हैं , 
चाँद की तरह फूल हैं | 
कितनी खुशबू देते हैं ,
सारी बगिया महका देते हैं |
धूप लगे तो खिल जाते हैं ,
हवा चले तो खुशबू फैलाते हैं | 
फूल हैं ये फूल हैं ,
कितने प्यारे फूल हैं | 


नाम : अंकित कुमार 
कक्षा : 4th
सेंटर  : अपना स्कूल 
          धामीखेड़ा




Thursday, March 24, 2011

शीर्षक : भालू आया

भालू आया 
भालू आया भालू आया ,
नाच दिखाता भालू आया | 
ढोल बजाता भालू आया ,
भालू आया भालू आया | 
भालू नाच दिखाता है ,
फिर अपने दांत दिखाता है | 
यदि भालू की मुच्छ न होती ,
तो हम पहना देते उसको धोती |




नाम : कमल कुमार 
कक्षा : 2th  
सेंटर : अपना स्कूल , लोधर 
         भट्ठा

Monday, March 21, 2011

शीर्षक : चिड़िया

 चिड़िया 
चिड़िया की एक बात निराली,
जब खेतों में होती थी हरियाली | 
आसमान में चिड़ियाँ उडती जाती ,
चूं-चूं  कर के गीत सुनाती |


दाना चुगती पीती पानी ,
करती रहती अपनी मनमानी |



नाम : अमन कुमार 
कक्षा ; 4th 
सेन्टर: अपना स्कूल 
             धामी खेडा