Sunday, May 11, 2014

निरंजन का अपने पिता और आस पास के लोगों की शराब छुड़वाने का सफलता भरा प्रयास

मेरा नाम निरंजन कुमार है ! मैं कक्षा 7 में पढ़ता हूँ ! मेरी माता का नाम श्रीमती उर्मिला देवी और पिता का नाम श्री कृष्णा मांझी है ! मेरे 3 भाई और 6 बहने है ! मैं बिहार राज्य के जिला गया के ग्राम जमुआवा का रहने वाला हूँ!
        हमारे राज्य बिहार में रोजगार की कमी होने के कारण, मेरे पिता जी ठेकेदार से 10,000 रु. पेशगी लेकर उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर के थाना चौबेपुर क्षेत्र के देदूपुर भट्टे पर या वही के किसी दूसरे भट्टे पर ईट बनाने 6 महीने के लिए आते है ! मैं अपने भाई और बहनों के साथ जागृति बाल विकास समिति के अन्तर्गत 30 वर्षों चल से रहे अनौपचारिक केंद्र  अपना स्कूल में प्रतिदिन पढ़ने जाते है !
               मेरे पिता जी पिछले वर्ष रोज शराब पीते थे और रोज घर पर लड़ाई करते थे ,आस पास के पड़ोसियों से भी लड़ाई करते थे ! तब अपना स्कूल में दीदी ने बाल सभा में बताया की अपने -अपने पिता और भाई को शराब पीने से मना करना है क्योंकि शराब स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है ! तब उसी दिन जब मैं घर आया और अपने पिता जी से कहा की पिता जी शराब मत पीना क्योंकि शराब से कोई भी फायदा नहीं है वो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है! और अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो हम आपसे दूर चले जायेंगे ! तब से मेरे पिता जी सप्ताह में 2 दिन शराब पीने लगे और धीरे धीरे अब उन्होंने शराब पीना बंद कर दिया है ! उसके जो पैसे बच रहे है उससे परिवार के पालन पोसन को और बेहतर बनाने में लगा रहे ! मेरे पिता जी को देखकर और समझाने पर मेरे जीजा ने भी शराब पीना बंद कर दी है ! और आस पास के लोग भी शराब छोड़ने की कोशिश कर रहे है !
पिता जी ने पिछले एक वर्ष से शराब बिल्कुल नहीं पी है।जिससे  घर की  आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। घर में सभी बहुत खुश है। 

Monday, May 5, 2014

Beautiful pictures made by Apna Skool children


Pictures of the Educational trip of Apna Skool(22 March 2014)

Apna Skool arranged an educational Tour for the students (around 70) of class4th to 8th on 22 March 2014. Apna Skool group departed for Lucknow by bus. First of all we visited Science City. Here children enjoyed Cimax show movie and dinosaur park. Besides it they saw Imambada and Planetarium. 3-D show attracted the kids very mu

Pictures of the Science Day Celebration of Apna Skool 2014


Monday, March 10, 2014

कहानी लेखन प्रतियोगिता

कहानी लेखन प्रतियोगिता
(आयोजक -छात्र हिन्दी साहित्य सभा एवं राजभाषा प्रकोष्ठ ,भा.प्रौ.सं.कानपुर)

रोली  :प्रथम :कक्षा-5  (अपना स्कूल धमीखेड़ा )
संगीता :द्वितीय  :कक्षा-5  (अपना स्कूल धमीखेड़ा )
अजय :तृतीय :कक्षा -7 (अपना स्कूल तातियागंज )


छात्र हिन्दी साहित्य सभा एवं राजभाषा प्रकोष्ठ ,भा.प्रौ.सं.कानपुर द्वारा 1 फरवरी 2014  को आई आई टी कानपुर परिसर में कक्षा 5 से 8 तक के बच्चो के लिए कहानी लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ये प्रतियोगिता 4 ग्रुपों में हुई। जिसमे 5 विद्यालयों के लगभग 125 बच्चों ने भाग लिया। 
कक्षा -5 में अपना स्कूल धमीखेड़ा से रोली ने प्रथम व संगीता ने द्वितीय स्थान और कक्षा -7 में अपना स्कूल तातियागंज के अजय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 5 मार्च 2014 को पुरस्कार वितरण समारोह में बच्चो को पुरस्कार मिले। 

Saturday, February 15, 2014

ART COMPETITION (26 January 2014)
Venue- I.I.T Kanpur
WINNER -
Class :  3  to 5
First Prize      -  Sangeeta ,Class -5 (Apna Skool Dhamikheda)
Second Prize  -  Roli ,Class -5 (Apna Skool Dhamikheda)
Consolation -     Anjali : Class-5 ,Shalu : Class-5 (Apna Skool Dhamikheda)
Class :  6  to 8
Consolation -     Nahid :Class-8(Apna Skool Dhamikheda)

26 जनवरी को शिक्षा सोपान के द्वारा आई आई टी कानपूर के परिसर में आयोजित कला प्रतियोगिता में आस पास के स्कूलों के लगभग 400 बच्चो ने भाग लिया। जिसमे "अपना स्कूल धामीखेड़ा " सेंटर के 6 बच्चो ने भाग लिया। कक्षा 5 के 5 छात्राओं  ने और कक्षा -8 कि 1 छात्रा ने।
 जिसमे कक्षा 3 से 5 के ग्रुप में अपना स्कूल धामीखेड़ा कि संगीता ने  प्रथम और रोली ने  द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। अंजलि और शालू  (अपना स्कूल धामीखेड़ा ) ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। 
कक्षा 6 से 8 के ग्रुप में अपना स्कूल धामीखेड़ा  कि कक्षा -8 कि छात्रा नाहिद ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। 

Monday, January 20, 2014

प्रवासी मजदूरों का बंधुआ मजदूरी से मुक्ति का आगाज

अपना स्कूल टीम के लगातार प्रयास के द्वारा वर्षों से बंधुआ मजदूरी कर रहे प्रवासी मजदूरों को बंधुआ मजदूरी से मुक्ति कि शुरुआत -

नगदी में इस वर्ष वी.आई.पी. भट्टा सरसौल में काम करने आने वाले 9 मजदूरों के नाम 
  1. राजू      - मौदहा 
  2. वरदानी -मौदहा 
  3. गोवर्धन -मौदहा 
  4. भारती  -हमीरपुर 
  5. सुभाष  -हमीरपुर 
  6. दौलतराम-हमीरपुर 
  7. आरती  -हमीरपुर 
  8. कुसुमकली-मौदहा
  9. सुमन  -मौदहा 
ये सभी मजदूर मौदहा हमीरपुर ,उत्तर प्रदेश के रहने वाले है पिछले 10 वर्षों से भट्टो पर काम करने आ रहे है परन्तु हमेशा ठेकेदार के द्वारा बंधुआ मजदूरी पर काम करने आते रहे है। ये पहली बार है ,जब ये मजदूर अपना स्कूल टीम के द्वारा जागरूक करने के बाद नगदी में काम करने आये है।
अपना स्कूल के लगातार प्रयास के बाद वी.आई.पी. भट्टा सरसौल में 9 मजदूर ठेकेदार के द्वारा न आकर स्वत: भट्टे पर काम करने आये है। ये मजदूर पिछले वर्ष टिकरा कल्याणपुर कि तरफ मुरारी भट्टे  पर थे। अपना स्कूल टीम के द्वारा जागरूक करने पर इन लोगों ने ठेकेदार से अग्रिम पैसा नहीं लिया तथा जो चार माह गाँव में रहकर खर्च चलाना होता है उसकी किसी तरह से व्यवस्था कि। क्योंकि यदि ठेकेदार से एडवांस पैसा लेते है तो पथाई में 400 रु प्रति हजार मिलता है और अगर स्वत: आते है तो इन्हे 525 रु प्रति हजार कि दर से मिलता है। और एक परिवार लगभग 3 लाख के आस पास ईंट पथाई कर लेता है। 
इस प्रकार प्रति हजार 125 / रु अंतर आया ,यदि यही अंतर पूरे ईंट पर जोड़ा जाये तो लगभग 35000 होता है जो कि इनकी कमाई का यही पैसा ठेकेदार को कमीशन के रूप में जाता है। लेकिन स्वत: आने पर इस वर्ष इनका यह पैसा बचेगा। जिससे उनके परिवार कि आर्थिक स्थिति में परिवर्तन आएगा। 

Wednesday, January 15, 2014

ART COMPETITION
WINNER -
First Prize      -  Sangeeta ,Class -5 (Apna Skool Dhamikheda)
Second Prize  -  Anjali ,Class -5 (Apna Skool Dhamikheda)




A children's arts competition, held under the auspices of kalyanpur festival organised by a Kanpur News paper team, had over 500 school children participating from 26 kanpur area schools.

Seven children from class V of the Apna Skool Dhamikheda centre also participated .In spite of stiff competition from many affluent schools, Sangeeta and Anjali from Apna Skool the first and second prize!!

Monday, January 13, 2014

Science Mela

SCIENCE MELA 


प्रयोग - चुंबकीय कंकाल 
सहायक सामग्री -  एक ताकतवर चुम्बक ,एक साधारण चुम्बक लकड़ी का एक छोटा आयताकार टुकड़ा ,पी वी सी पाइप
  ,साइकिल कि दो तीलियां ,एल्यूमिनियम का तार तथा सुई धागा। 

प्रयोग विधि - पी वी सी पाइप में दो तीलियाँ लगाये। नीचे कि तीली में एक धागा बांधे उसके साथ में एक चुम्बक भी बांधे। ऊपर के तीली में ताकतवर चुम्बक लगाये ,उस ताकतवर चुम्बक कि वजह से नीचे वाला चुम्बक उसकी ओर आकर्षित होता है और धागा तना रहता है हम धागे कि स्थान पर एक कंकाल लटका सकते है। कंकाल स्ट्रा या हल्की चीजो का बना और उसका सिर स्टैटफॉम का बना है और उसके अंदर एक चुम्बक घुसा देते है ये चुम्बक ही ऊपर के ताकतवर चुम्बक कि और आकर्षित होता है और ये कंकाल हवा में लटकता रहता है और झूलता रहता है। आप इसे थोडा सा हिलाएंगे ये नाचने लगेगा। अपने हाथ पैर हिलाने लगेगा।  

परिणाम - ऊपर अधिक ताकतवाला चुम्बक नीचे के काम ताकत वाले चुम्बक को अपनी और आकर्षित करता है। इसलिए कंकाल नीचे नहीं गिरता है 

(नाम - अंजलि - कक्षा : 5  , ज्योति -कक्षा :8 )


अम्ल एवं  क्षार का परिक्षण 

सहायक सामग्री - लाल व नीला लिटमस पेपर ,नीबू ,पानी -साबुन का घोल। 
परिक्षण 
  • अम्लों कि पहचान -एक परखनली में नीबू के रस कि कुछ बूंदे ले। नीले व लाल लिटमस पेपर द्वारा इसका परिक्षण करेंगे। नीला लिटमस पेपर लाल हो जाता है। 
निष्कर्ष - नीबू के रस में सिट्रिक अम्ल होता है जो नीले लिटमस पेपर को नीला कर देता है। 
  • क्षार कि पहचान - साबुन का घोल या डाईजीन को पानी में घोल लेंगे फिर इसका परिक्षण लाल एवं नीले लिटमस पेपर से करेंगे। लाल लिटमस पेपर नीला हो जाता है। 
 निष्कर्ष - साबुन के घोल एवं डाईजीन का घोल लाल लिटमस पेपर को नीला कर देता है। क्षार अम्ल के प्रभाव को निष्क्रिय कर देता है। 


मृदा परिक्षण 
सहायक सामग्री मिटटी ,पानी ,लाल व नीला लिटमस पेपर एवं थाली। 
प्रयोग विधि - एक बर्तन में खेत कि मिटटी लेंगे। उसमे इतना पानी मिलायेंगे कि घोल तैयार हो जाये। तब लाल और नीला लिटमस पेपर बारी -बारी से घोल में डालेंगे। 
  • लाल लिटमस पेपर यदि नीला हो जाये तो मिटटी क्षारीय होती है 
  • नीला लिटमस पेपर यदि लाल  हो जाये तो मिटटी क्षारीय होती है 
(नाम - शालू - कक्षा : 5 )
ब्रश इन रश (बैटरी से चलने वाला चूहा )
                        
( नाम -शबाना, कक्षा -2 )

नाचने वाली चुंबकीय गुड़िया 


औषधीय पौधे और उनके उपयोग 
  • गुर्च - इसकी बेल के टुकड़े करके पानी में उबाल कर पीने से बुखार ठीक हो जाता है एवं शरीर के दर्द में आराम मिलता है। पुराना से पुराना ज्वर ठीक हो जाता है तथा फेफड़ो में कफ नहीं बनता है। 
  • चठर -पथर - इसके सम्पूर्ण पौधे को पीलिया से ग्रसित रोगी के संपर्क समाप्त हो जाती है में (स्पर्श ) रखने से पीलिया जड़ से 
  • गेंदा - गेंदा कि पत्ती का रस निकल;कर हल्का गुनगुना करके कान में डालने से कान के फोड़े और दर्द ठीक हो जाता है 
  • नीम - नीम कि पत्तियों को पानी में उबालकर पानी पानी से नहाने से चर्म रोग ठीक हो जाता है। फोड़े -फुंसी में नीम कि छाल को पीस  कर लगाने से ठीक हो जाती है 
  • तुलसी - तुलसी कि पत्तियां खाने से स्मरण शक्ति बढती है खासी होने पर तुलसी कि पत्तियों कि साथ अदरक ,काली मिर्च ,शहद के साथ मिलाकर खाने से (पीसकर ) खासी में आराम मिलता है 
(नाम -संगीता ,सलोनी : कक्षा -5 )




Thursday, November 7, 2013

कविता - महात्मा गाँधी जी

भारत के सम्मान है गाँधी। 
इस युग कि पहचान हैं गाँधी।। 
चौराहों पर खड़े है गाँधी। 
मैदानो के नाम है गाँधी।। 
दीवारों पर टंगे है गाँधी। 
पढने -पढ़ाने में है गाँधी।। 
राजनीति में भी है गाँधी। 
मज़बूरी का नाम हैगाँधी।। 
टोपी कि एक ब्रांड है गाँधी। 
वोट में गांधी ,नोट में गाँधी।। 
अगर नहीं मिलते तो वह है। 
जनमानस की सोच में गांधी।।

नाम -अलका 
कक्षा - 5 
अपना स्कूल धमीखेड़ा