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Tuesday, July 26, 2011

कविता : आम

आम 
सुंदर और सजीला आम,
कितना रंग रंगीला आम |
सबके मन को भाता आम,
कुछ खट्टे कुछ मीठे आम |
कुछ कच्चे कुछ पक्के आम,
सबका जी ललचाता आम |
कुछ महंगे कुछ सस्ते आम,
अब सब खरीदते हैं आम |
नाम : आबिद अली 
कक्षा : 1 
सेंटर : अपना स्कूल , पनकी पड़ाव

Saturday, June 25, 2011

कविता : होली आई

 होली आई 
होली आई होली आई ,
होली रंग - बिरंगे रंगों को लायी |
रंगों की फुलवारी लायी ,
सब बच्चों के मन को भाई | 
होली है भई होली है ,
गुझिया , पापड़ की हो गयी खाली थाली  | 


नाम : दीपक कुमार     
कक्षा : 1st  
सेंटर : अपना स्कूल , मुरारी 
                                   ब्रिक फील्ड ,  कानपुर